लद्दाख(गलवान घाटी):
शून्य से कम तापमान में
वीरता का आना-जाना,
पराक्रम का जोड़-घटाना,
उसी तापमान पर
प्यार के दर्शन,
परिवार की उड़ान।
उसी तापमान पर
जगमगाता रूप देश का,
सीमाओं पर अटके प्राण
तिरंगे की शान।
शून्य से कम तापमान पर
देश के लिये बलिदान,
मृत्यु के बहुत निकट होना
फिर भी डटकर लड़ना।
**महेश रौतेला