चलो में आपको एक कहानी सुनाता हूँ,
एक ज़िंदगी से आपको वाकिफ़ करवाता हूँ,
अपना खुद का घर बनाने की उनकी मेहनत बताता हूँ, या फिर, अपनी ज़रूरत को छोड, अपनो की ख्वाईश पूरी करने की उनकी खुशी बताता हूँ,
छोटी सी कमाई मे भी, हमे पढाने की उनकी हिम्मत बताता हूँ, या फिर, कभी workshop, कभी courier, तो कभी tiffin के लीये बिना खाय उनका घुमना बताता हूँ,
कुछ अपनो का वो चंद पैसो के लीये, बचपन की वो यादे बेचना बताता हूँ, या फिर, अपने ही घर मे, एक रूम मे, मेहमान बन, खाना ओर सोना बताता हूँ,
भर बरसात मे अपना घर खाली करने की उनकी मायुसी बताता हूँ, या फिर, उनकी मदद ना करने का उनका एहसान बताता हूँ,
जिन्होने सहारा दिया उनका रिश्ता बताता हूँ, या फिर, इन सभी पलों को याद कर आई उस आँखों की नमी बताता हूँ,
धीरे धीरे से संभलती उस ज़िंदगी की खुशी बताता हूँ, या फिर, खुशी के उन पलो के लीये उस परवर्दीगार का शुक्रगुज़र बताता हूँ।
#शुक्रगुज़र