इस दुनिया के बाज़ार में रिश्ते कभी बिकते नहीं यारों
कुछ बनते हैं कुछ बिगड़ते हैं
कुछ जुड़ते हैं तो कुछ टूटते हैं
कुछ समेटते हैं तो कुछ बिखेरते हैं
कुछ प्यारे तो कुछ दर्दनाक होते हैं
कुछ पास तो कुछ दूर होते हैं
कुछ दौलत के तो कुछ दिलों के मोहताज होते हैं
मगर फिर भी इस दुनिया में रिश्ते कभी बिकते नहीं यारों
ह्रदय स्पर्शी ( हषिँल )