कभी हसाते थे कभी रुलाते थे
जो हमारे बिना एक पल भी
नहीं रेह पाते थे
आज वो दोस्त याद आते है
बीते लम्हे गुज़र गए
मंज़िल सबकी बदल गई
कभी कहीं कोई राह पर
फिर वो मिल जाए
ऐसी दुवा करनेवाले
लगते हम सिर्फ एक है
आज वो दोस्त याद आते है जो
दोस्तों में अनेक, पर लाखो में एक है