ना जाने कहाँ से गुज़र गया वो लम्हा उसने कहा था कि वह अपने हर मोड़ पर साथ रहेंगा मगर यह तो हो ना शका,
अपने ही मोड़ पर वो कहीं जो गया और मंज़िल तक ना पहुँच शका,
हे हमें भी गम तुम्हारे यू हमसे ज़ुदा होने का अहसास ना हो रहा हमें छोड़ जाने का,
शायद भगवान को तेरी ज़रूर और कमी होंगी इसीलियें तुम्हें वहा बुलाया जहा हम ना आ शके,
जहा हो वहा तुम्हें शांतिपूर्ण मीले बस इतनी सी बात है कहनी उस भगवान को।
RIP SUSHANTSINGH RAJPUT