मिलन के बाद यारो, जुदा होना होता है
अलफाज़ अलविदा, प्यारा नही होता है
उसुल यही , दरिया बादल बन जाता है
बारिश या अश्क ,दिल बिरहाना होता है
दिन के बात , शाम और सवेरा होता है
सुरज चॉद से जुडे रहेना जिंदगी होता है
मिला ही नही, फिर यहॉ बिछड़ ना क्या ?
मिलन और जुदाई बीच ,कुछ तो होता है
कुचे से कब्र की सफर , क्या जिंदगी है ?
अहेसास कुछ दिल का, रुहाना होता है
हमने तो कदम उठा दिये है ,मंझील तरफ
जीस्म से परे,मेरी हयाती का होना होता है