सुहानी सी सुबह देखो मुस्कुराई है
कैद थी जो बादलों में फिर लौट आई है
गज़ब का सुकून हवाएं भी लाई है
सुहानी सी सुबह देखो मुस्कुराई है
कैद थी जो बादलों में फिर लौट आई हैं
फिर चल पड़े हैं सब अपनी मंजिल की ओर
शांती ही शांती फिज़ाओं में भी छाई है
सुहानी सी सुबह देखो लौट आई हैं!!!!!
#शांतिपूर्ण