"अरे तुम अभी तक तैयार नहीं हुई" ,शशांक तेजी से बोला। कहा जाना है? मीता ने मुस्करा कर कहा। "आज कई दिनों बाद लॉक डाउन खुला है कहीं घूम कर आते हैं, बाहर का खाते हैं" , शशांक खुश होते हुये बोला। "नहीं बिना काम के बाहर जाना सही नहीं है, तुम समझते क्यों नहीं... अभी हम पूरी तरह सैफ नहीं है" मीता ने जवाब दिया। सब कुछ तुमको ही होना है, तुम तो एकदम बेवक़ूफ़ हो, शशांक नाराज हो गया। मीता ने चलने का मन बनाया। और तैयार हो कर चल पड़ी। दोनों खूब घूमे। मॉल, रेस्त्रां सब जगह जा आये। अगले दिन दोनों अपने काम पे लग गए। दो तीन बाद शशांक की तबीयत बिगड़ने लगी। बुखार, गले में खराश उसकी हालत खराब हो रही थी। मीता घबरा गई। डॉक्टर ने टेस्ट किये, वहीं हुआ जिसका मीता को डर था। करोना पोजिटिव रिपोर्ट देख कर उसके होश उड़ गये। अब तो उसके लिए भी खतरा और दोनों के स्टाफ के लिए भी, जिस जिस से वो मिले सबका मन घबरा रहा था। अब शशांक को अपनी बेवकूफी का एहसास हो गया था।
#बेवकूफ