तेरे कदम पडे मेरे घर मे तब से मेरा
ये घर बगिया जैसे खिला है...!!
बहारें महेक उठी मेरे दिल की मुजे
रुह-ए-गुलाब जैसे मिला है...!!
जानी "श्रध्धा" ने तब से ये दिल की बाते
जब से आप का साथ मिला है...!!
आपकी मीठी बातें और गुलाबी मुस्कान
ये हमारी चाहत का ही सिला है...??...S.Thakkar