इस दुनिया से वो दुनिया अलग होती है
दिलवालो को बस दिलकी तलब होती है
हिरे मोती, सोना चांदी
दौलतकी है दुनिया आदि
रांझे की दौलत , हीर की झलक होती है
दिलवालो को बस दिलकी तलब होती है
लोग मिलते बिझड़ते है
प्रेमी मरके भी मिलते है
जान उनकी निराली ,रूह अलग होती है
दिलवालो को बस दिलकी तलब होती है
इस दुनिया से वो दुनिया अलग होती है
Sagar...✍️