#दिया जब तिलमिलाने लगता है तो,
समझ जाना उसका बुजना अब तय है।#
इस पंक्ति से आप को यह सीख लेनी चाहिए की,आप सही है फिर भी कोई जान बुझकर आप पर गलत दोषारोपण करता है तो फिर आप उससे भीड ने न जाये केवल आप मौन रहे क्योंकि जब किसी इन्सान की मानसिक अस्थिरता भ्रष्ट होने लगती है तो वो सही को भी गलत ठहराना चाहेगा। उस वक्त सिर्फ आपका मौन ही आपके शरीर मे एक नई ऊर्जा का संचार करेगा।क्योंकि हर बार अगर आप उस इन्सान से भीड ने जायेगे तो आप सही होगे तो भी लोग आपको गलत तरीके से पेश करेंगे।आपका मौन सामने वाले की मानसिकता तो एक गहरी चोंट देगा और आपके बिना किसी वार से ही वो मुर्छा जायेगा।
.............................#अपनी सोच #.....................................
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-------# मनीष गौस्वामी