बात जुबाँ पे ना सही,दिल में दबा रखना,
जगह थोड़ी सी सही,दिल में बना रखना,
ज़िक्र आये बातों में,मेरी चाहत का कभी,
तुम मेरी बर्बाद मोहब्बत की,अना रखना,
तुम मुझे चाहो या ना चाहो,कोई बात नही,
बस मेरी चाहत को, दिल में बसा रखना,
यहाँ मेरे नसीब में रहें, हज़ारो गम सही,
तुम आशियाना,खुशियों से सजा रखना,
"मन" बस तेरा था,तेरा है,तेरा ही रहेगा,
बात इतनी सी,अपने दिल में सदा रखना,
#रखना