चल मेरे संग तू आखियोंको मीचे
प्यार की जमीं अंबर के नीछे
जहाँ हम-तुम हो सबसे आगे
और सारी दुनिया पीछे
वापस आने की राहे कुछ भूल सी जाए
चलते-चलते हम-तुम इतनी दूर चले जाए
के मंजिल फीर हमको अपनी और खिंचे
चल मेरे संग तू आखियोंको मीचे
प्यार की जमीं अंबर के नीछे
मिलकर हम बसाये एक ऐसा आशिया
बस खुशिया ही खुशिया बसती हो जँहा
उस सपनोंकी जमींको प्यार के रंगसे सींचे
चल मेरे संग तू आखियोंको मीचे
प्यार की जमीं अंबर के नीछे
कुछ ऐसा यकीन में करता हु तुझपे
तू जान भी मांगे तो दे दूँ में हँस के
भवरा बन मंडराउंगा बस तेरे आगे पीछे
चल मेरे संग तू आखियोंको मीचे
प्यार की जमीं अंबर के नीछे
Sagar...✍️
Fallow me...💝