#पतंग
उड़ रही #पतंग ,
डोरी तेरे हाथ है,
करूं मैं चिंता क्यों,
मेरे श्रीगुरु मेरे साथ हैं,
किस ओर मुड़ना और,
किस और मुझे जाना है,
व्यर्थ ही क्यों सोचता रहूं,
जब सब कुछ तुमको माना है,
दूर है पतंग आसमान में,
डोर न दे किसी को दिखाई,
'रिखी' गुरुदेव को है फिक्र,
मैंने जिनको पतंग है पकड़ाई।
जय श्री कृष्णा 🙏 सुप्रभात🙏