इकरार की तऱ्हा इन्कार भी जाहीर किया होता
एक बार ही सही ,बस बोल दिया होता
तेरी खामोशी ऐसा जवाब है
जैसे खत्म सारे अल्फाज है
ओठों पर रुके लब्जों का मतलब
तुझको भी कुछ मलाल है
नजरों से मगर भेद खोल दिया होता
एक बार ही सही बस बोल दिया होता
कस्मे कर सको ना पूरी
उसे कह देना मजबूरी
यही रीत है जगत की
यहीं इश्क की दुनिया हारी
मेरे इश्क को काटे पे तोल लिया होता
एक बार ही सही बस बोल दिया होता
Sagar...✍️
fallow me...💝