केवल तुम ही तुम हो
चाहे कृष्ण हो या राम हो
केवल तुम्हारा नाम हो
बढ़ते रहें मेरे कदम तेरी ओर हरदम
चाहे नाम हो या बदनाम हो
केवल तुम्हारा नाम हो
झींगुर कीट पतंगों में भी हो तुम
तुम ही दया के सिंधु हो
तुमसे ही समुंदर भी भरा
तेरी कृपा से गंगाजल पावन
लहरा रहा
तुझसे हिमालय श्वेत अडिग
तुमसे ही पर्वत पर्वत मेखला
तुम हो तो हम हैं तुमसे ही हमारा नाम है
हम जानते हैं केवल तुम ही तुम हो
तुम्हारा नाम हो
तुम ही सर्वत्र व्याप्त हो
केवल तुम ही तुम हो
- शिवसागर शाह "घायल"
#केवल