#अंतरिम
नज़र से नज़र तो मिली जाए गि,
पर अंतरिम नजर ना आएगा।
बालों की घटाओ से छाव तो मिल जाएं गई,
पर अंतरिम से धूप ना नज़र ना आएगी।
सांसों से महक तो मिल जाएगी,
पर अंतरिम सांस नज़र ना आएगी।
आंखो में आंसू नज़र तो आ जायेगे,
पर अंतरिम आंसू नज़र ना आयेगे।
लफ्ज़ के अल्फ़ाज़ तो नज़र आयेगे,
पर अंतरिम जूठे लफ्ज़ नज़र ना आयेगे।
दिल की तन्हाई नज़र तो आएगी ,
पर अंतरिम खामोशी नज़र ना आएगी।
वफा तो नज़र आएगी,
पर अंतरिम बेवफ़ाई नज़र ना आएगी।
हर इंसान नजर तो आयेग,
पर अंतरिम नकाब नज़र बा आयेगे।
❣️PYAR KA EK AHESHASH ❣️