प्यार का एहसास बताया नहीं जाता, ये इश्क़ बेजु - बान है ,पर बोलता ये बहुत है
प्रेम की भाषा है एक, अखिल विश्व में, हर कोई समझता है ,भले भाषाएं अलग हैं
इंसान हो या जानवर, पंछी या कोई जीव, समझे सभी इस भाव को भले प्रकृत अलग है
इस पवित्र, मूक ,भाव को महसूस जो किया, वह पा लिया बहुत कुछ, ये बात अलग है
प्यार कोई वस्तु नहीं, जो लूट ले कोई, शुद्ध हों मन, विचार , अंतरिम ये भाव है
#अंतरिम