आज हर कोई करता शिकार है अपने से कमजोर का, सच्चाई का, अच्छाई का, प्रेम का,भरोसे का , विश्वास का और इज्ज़त का।
इस दुनियां में नफरत का जहर ऐसा फेला है आज हर कोई शिकारी बना है, लोगों में स्वार्थ इस कदर है कि वो किसी की मजबूरी पर भी अपना मुकाम खड़ा कर सकते हैं।
कुछ लोग ही ऐसे हैं जो शिकार की भावना रखते हैं लेकिन उनका जहर उनको ही प्रभावित करता है जो लोग बेवस होते हैं।
हमें ऐसे भावनाओं को खतम करने के लिऐ किसी को कभी ठेस नहीं पहुंचानी चाहिए और एक ही समाजीकरण में एकता बनाऐ रखकर हमें एक दुसरे के भावों को समझकर रहना चाहिए।
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