घर से नकालना था अपने सपने पूरे करने,
दुनिया के शेतानो ने हमें घर में कैद होने पे मजबूर बना दिया,
सुबह निकलीं घर से मेै, थोड़ी देर क्या हुई वापिसी को,
तो मां- बाप डरने लगे कि हमने अपनी प्यारी घर की खिलखिलाहट को कहीं खो न दिया,
हालत मां- बाप की देख के में भी बहुत थी रोई,
उड़ना तो बहुत चाहता था दिल पर,
दामिनी, प्रियंका और निर्भया को देख कर जाने
मेरे जैसी कितनी लड़कियों ने अपनी आजादी है खोई।
#दिल