मे और मेरे अह्सास
अपनों का बिछड़ा साया है l
ये कैसा बवंडर आया है ll
गाँव व् शहरों में हर कही l
मौत का खौफ छाया है ll
फिजाओ का सन्नाटा सुन l
ये कोई संदेश लाया है ll
उम्रभर भागदोड़ करते रहे l
घर में सुकून पाया है ll
जीवन पाठ शिखाने के लिए l
ये कुदरत की सब माया है ll
दर्शिता