#महसूस
तुम्हारे साथ बिताए वो हसीन लम्हे।
हमेसा याद आते है जब मैं खुद को अकेला पता हु।
पता नही ये क्या है?
पर उन लम्हो को याद आते ही सारी दुनिया के गमो को भूल कर तुझमे ही खो जाता हूं।
"तुम्हारा निःस्वार्थ प्रेम जो मेरे लिए है।
उनके यादो का अनुभव करके उनमे डूबना ही तुम्हारे कमी को महसूस है।"
💝~दुर्गेश तिवारी~