तू लकीर में तो है पर,
तुजको पाऊ तो पौ कैसे ,
तू हर जगह मेरे साथ है पर,
तुज में बसु तो बसु कैसे,
मेरी ख्वाब में तू ही है पर,
तुजे अहेशाश दिलाऊ कैसे,
तू ही तू मेरे हर जज्बात में,
उसको अल्फ़ाज़ में बतावू कैसे,
तू पानी है तो में प्याशा हूं,
तूजे फिर भी पिऊ कैसे,
अगर जिंदगी गुजारनी है ,
तो तुझसे जन्मों के लिए
बंध जाऊ कैसे।
❣️PYAR KA EK AHESHASH ❣️