नियति के आगे सब सिर छूकाते है, घुटने टेक कर रह जाते है। समस्या से डर कर नियति को दोषी ठहरा कर आम इसान वाले गुण दिखाते है। पर साहब जो आम आदमी किसमत कि लकीरों को चिरता हुआ , समस्या के समुद्र को पार करता हुआ , जीवन मे आगे निकल कर सफलता पातें है। वही मनुष्य दुनिया मे खयातिपाते है।।तकदीर की लकीरो को मिटाकर मन चाहा मुकाम पाते है।।
.R. Chaturvedi.
#नियति