एक दफा फिर तुम्हें हम अपना बना कर देखते हैं,,
चलो तुम रूठ जाओ हम तुम्हें दुबारा मना कर देखते हैं ,,
होश में तो हम पहले भी नहीं थे तुम्हारे मिलने के बाद,
एक दफा फिर तेरे यादों के जाम लगाकर देखते हैं ,,
चलो तुम रूठ जाओ हम तुम्हें दुबारा मना कर देखते हैं
खेल भी इस ज़िन्दगी के इस क़दर निराले हैं,,
वफादारों के दिल भी आज-कल कितने काले हैं,,
तेरे दिल मे अबतलक अहमियत नही हमारे मौजूदगी का,,,
चलो फिर उस दिल से अपना नामो-निशां मिटा कर देखते हैं
चलो तुम रूठ जाओ हम तुम्हें दुबारा मना कर देखते हैं
हर बार इंतिजार की घुट पिलाते हो,जैसे कि हम यतीम हैं,,
चलो तुम्हे कुछ और खास बना कर देखे है,,
चलो तुम रूठ जाओ हम तुम्हें दुबारा मना कर देखते हैं
बातों को सीधे कह दू,,,की हमे मोहब्बत है तुमसे,,
यकीन नही होता न ,,,हमे पता था।।।
चलो फिर खुद को आजमा के देखते हैं।।
चलो तुम रूठ जाओ हम तुम्हें दुबारा मना कर देखते हैं ।।।।