हम लूट गए है खुद से "वफ़ा"करते करते!
मोहब्बत में खुद से"खता"करते करते!!
वो अम्बर में बनके दिखी"चाँदनी"सी!
थी यौवन में उसके बंधी"कामिनी"सी!!
ख्वाबों के बिस्तर का"तकिया"बनाकर,
रोते रहे हम"दुआ"करते करते!
मिलोगी अगर"जिंदगी"में कभी भी,
न छोड़ेंगे तुमको"फना"करते करते!!
- आशीष सिंह