एक नारी ही खुशहाल जिवन के सही माइने सिखाती हे,
कभी घर के आंगन को मेहकाती,
तो कभी खाली हथेलियोँ की कीस्मत बन जाती हे,
खाली फ्रेम सा जीवन जिसमे वो तस्वीर सी बन जाती है,नारी अगर ना हो तो जीवन रुपी डाली सुख सी जाती हे,
नारी का सब से बडा उपहार उसका सम्मान हे,
क्यूँ की एक नारी ही तो हे, जो शव को भी शिव बनाती हे।
#सूखा