एक हास्यकर सी बात है,तू यहीं है
पर नहीं है, कैसा भेद ये मेरे यार है।
मैं तुझसे बात कर रही हूं
और तू मुझसे नाराज़ है।
पर मैं तुम्हें मना लूंगी,
मैंने कहा था ना मैं बहुत जिद्दी हूं
यूं तुम्हारा छुपना बेकार है।
ये कोई हास्यकर बात नहीं
ये तो बस गंभीर सा पर्याय है।।
#हास्यकर