#जिज्ञासु
एक जिज्ञाषा थी कि तुम्हारा सब कुछ जानू
और तुमने बताया बस अपना जानू
एक चाहत थी कि मुझे तुम्हारा होना
और तुमने बनाया मुझे अपना शोना
एक तमन्ना थी कि मै बनूं जिज्ञासु
और तुमने छुपाए मुझसे अपने आंसू
एक ख्वाहिश थी कि दुनिया के हर जिज्ञासु मुझे जाने
और मेरे साथ तुम्हें पहचाने
लेकिन हुआ कुछ ऐसा कि
आ गए हम एक नए पथ पर
और बन गए एक दूजे के दीवाने
।।ज्योति प्रकाश राय।।