मेरे अनुमान से साहित्य की कोई कीमत नहीं लगाई जा सकती क्योंकि साहित्य अपने समय के समाज का दर्पण होता है जिसमें प्रत्येक व्यक्ति के साथ साथ उस समय की राजनीति भी प्रतिबिंबित होती है,
अपने बच्चों के कीमती समय का सदुपयोग साहित्य में उनकी रुचि जगाकर की जा सकती है
बच्चो की साहित्य में रुचि जाग्रत करने का कहानियां एक अच्छा माध्यम है, तो उन्हें नीचे दिए गए link की कहानी पढ़ने और सुनने को प्रेरित कीजिए, इस कहानी को आप भी पढ़ कर अपनी भाषा में उन्हें सुना सकते है
Abhinav Bajpai लिखित कहानी "उदना और उदनी - 1" मातृभारती पर फ़्री में पढ़ें
https://www.matrubharti.com/book/19883384/udna-aur-udani-1
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