चार पैसे क्या मिले क्या मिले भई क्या मिले वो ख़ुद को समझ बैठे ख़ुदा हे इन हवाओं का मोल क्या दोगे इन घटाओं का मोल क्या दोगे अरे इन ज़मीनों का मोल हो शायद आसमानों का मोल क्या दोगे पास पैसा है तो है ये दुनिया हसीं हो ज़रूरत से ज़्यादा तो ये दिमाग़ों में पैदा फ़ितूर करे है यही पैसा तो अपनों से दूर करे है ... #मोल Jignesh Shah