माँ का रूप
मैंने माँ का कई रूप देखा है
एक ओ मां जो बहुत धनी है
जो अपने संतान को सारी खुशियां देती है
एक और दूसरी मां जो बहुत गरीब है
जो अपने हिस्से की पूरी रोटी अपने बच्चों को दे देती है
एक और मां है जो जन्म देते ही अपने बच्चे को जंगल में छोड़ आती है
एक और भी मां है जो अपने सौतेले बच्चे का रोटी छीन लेती है
एक तो ऐसी मां है जो अपने ही दो बच्चों को बराबर प्यार नहीं करती
ऐसे ही कितने रूप देखें हैं हमने मां के
फिर क्यों कहते हैं लोग दुनिया की सब मां एक जैसी होती हैं
झूठ,,,,
मां भी अपना रूप बदलती है
मेरी माँ सिर्फ मेरे लिए ही अच्छी है दूसरे बच्चे के लिए नहीं
सब माएँ एक जैसी नहीं होती
मां के हमने हजारों रूप देखे हैं
~सिद्ध