ख्वाहिश
तेरी परछाई में भी मैं दिखूं ये ख्वाहिश सी है
तेरी रूह में घूल जाऊं ये गुजारिश सी है
मेरे नाम को जब भी पुकारे तुम पीछे मुङ कर देखो
कुछ ऐसा रिश्ता हमारा हो ये ख्वाहिश सी है
जिस तरह खुशबू फूलों के साथ होता है आखरी साँस तक
तुम भी मुझे मिट्टी देने आओ ये ख्वाहिश सी है