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शून्य द्वारा शून्य निकला ,
शून्य से ही शून्य मे।
शुन्य मे रहाणे लगा,
जीने लगा वो शुन्य में।
जानकर अस्तित्व अपना (शून्य),
वह खिन्न अब रहने लगा।
खोज अपने अस्तित्व को,
वह परम् शून्य की दिशा चल पड़ा ।
छोड़ जीवन मे अब शेष शून्य
दिव्य शुन्य मे मिल गया~~~
"शून्य है तू एक योगी, शून्य में ही जायेगा,
शुन्य लेकर जन्म पाया, आखिर शून्य ही ले जाएगा~~~~©"
#शून्य