जब पिता से ठुकराई गई,
तब गोविंद थे सहायता के लिए
जब पांच पतिओ में बाटी गई,
तब गोविंद थे सहायता के लिए
जब भरी सभा में निर्वस्त्र की गई,
तब गोविंद थे सहायता के लिए
जब कुल के विनाश का कारण बताई गई
तब गोविंद थे सहायता के लिए
जब पुत्र विहीन की गई,
तब गोविंद थे सहायता के लिए
किन्तु जब देह त्यागने की घड़ी आई,
आश्चर्य की बात है,
तब गोविंद नहीं थे साथ देने के लिए
- किंजल पटेल (किरा)
#आश्चर्य