आश्चर्य होता है बर्फ से पानी पानी से भाप का बनना परंतु मनुष्य का स्वभाव में रति मात्र का भी परिवर्तन ना हो पाना मुझे लगता है व्यक्ति का स्वभाव जल की भाति तरल होना चाहिए जो परिस्थिति के हिसाब से परिवर्तित हो जाए ग्रीष्म ऋतु में बर्फ के रूप में शीतलता प्रदान करें शरद ऋतु में जल के रूप में प्यास बुझा है एवं यह प्रक्रिया सतत चले इसके लिए गैस के रूप में जलवाष्प बर्गर बादल का निर्माण करें संक्षिप्त संदेश है कि हमें परिस्थिति के अनुकूल परिवर्तित हो जाना चाहिए और परिवर्तन ही जीवन है।
#आश्चर्य