.....मुलाकात का इंतज़ार कैसे करूं......
दिल में चाहत है उनके लिए बहुत मगर शुरुआत कैसे करूं....
उनको देखते ही अपने आप को भूल जाता हूं फिर बात कैसे शुरू करु....
चाहतों ने तो बहुत हिम्मत बांधी थी मेरी___-_
पर लब पर ना आए कोई बात उसके सामने तो इसमें मैं क्या करूं....
एक बुत बन जाता हूं जब सामने होते हैं वो__-_
उनकी तस्वीर देख कर तो करता हूं बात, पर सामने आने पर बात कैसे करूं....
रूह कांपती है जिस्म थरर्ता है होंठ खामोश हो जाते हैं और दिल जोर से धड़कने लगता है
जब ऐसे हो जाए हालात तो फिर दिल के साथ इंसाफ कैसे करूं...
नर्वस और बेचैन खामोशियों की दीवार इनको पार कैसे करूं .....
प्यार करता हूं बहुत आपसे मगर इजहार कैसे करूं
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हर एक मुलाकात को याद करते हैं दिल से जो गुजरती है हर बाद उसको याद करते हैं
भूल जाते हैं तेरे सामने आते ही हम अपने आप को, इस बात की मैं अब फरियाद किससे करूं....
जरूरी है आपको पाना, जी नहीं सकता तुम्हारे बिन, यह जानता हूं, मैं,, पर मुलाकात के बीच यह प्यार की दास्तान कैसे शुरू करू.....
टीटू त्यागी चमरी हापुड़
#मुलाक़ात