सुप्रभात
मेरे सभी प्यारे मित्रो को , रोजाना की भांति आज भी एक विषय पर लघु लेख लेकर आया हु और वो विषय है' भरोसा '
प्रत्येक युग में प्रत्येक रिश्ते में भरोसा ही बुनियाद होता है अर्थात प्रत्येक रिश्ते , भरोसे से शुरू होते है और भरोसे ओर ही टिके होते है लसिलिए कदापि किसी के भरोसे को तोड़कर पाप के भागीदार कभी न बनिए | क्युकी भरोसा होने में पाने में या करने में बहुत समय लगता है लेकिन टूटने में क्षडिक समय भी नहीं लगता |
खुश रहे हमेशा और आगे बढ़ते रहे
धन्यवाद पढ़ने के लिए और इंतज़ार करुगा आपकी बहुमूल्य टिप्पड़ियों का
आपका अपना भाई
एस के मिश्रा