बड़ी सूनी सूनी है,
ज़िन्दगी ये ज़िन्दगी
मैं खुद से हूँ यहाँ,
अजनबी अजनबी
कभी एक पल भी,
कहीं ये उदासी,
दिल मेरा भूले
कभी मुस्कुराकर दबे पाँव आकर,
दुःख मुझे छू ले
न कर मुझसे ग़म मेरे,
दिल्लगी ये दिल्लगी
कभी मैं न सोया,
कहीं मुझसे खोया,
सुख मेरा ऐसेपता नाम लिखकर,
कहीं यूँ ही रखकर,
भूले कोई जैसेअजब दुख भरी है ये,
बेबसी ये बेबसी
बड़ी सूनी सूनी है,
ज़िन्दगी ये ज़िन्दगी