इस लॉकडौन से मुझे ये बात सीखने को मिली कि, हम और हमारी सन्तान बिना 'जंक फूड' के भी जिन्दा रह सकते है। पहली बार पशु व परिन्दों को लगा कि यह संसार उनका भी है। भारतीयों की रोग प्रतिरोधक क्षमता विश्व के लोगों से बहुत ज्याद है। विश्व के अधिकतर लोग अपना कार्य घर से भी कर सकते हैं।
एक साफ सुथरा व सवचछ जीवन जीना कोई कठिन कार्य नहीं है। भोजन पकाना केवल स्त्रियां ही नहीं जानती। मीडिया केवल झूठ और बकवास का पुलन्दा है। पैसे की कोई वैल्यू नही है क्योंकि आज दाल रोटी के अलावा क्या कर सकते हैं। सामुहिक परिवार एकल परिवार से अच्छा होता है।