नवरात्रि के पावन समय में
बैठी हूँ माँ तेरा चित्र लिए मन में
माँ तेरे चरणों में कुछ पुष्प हैं अर्पित
कुछ और नहीं है करने को समर्पित
फिर भी बैठी हूँ लिए एक आस
दुष्टों का दुनिया से करो विनाश
सदा मेरे मन में तेरा हो वास
जगत का कल्याण हो विनती है आज
#चित्र