दिनांक :- 24/03/20
विषय :- संकट
आज ऎसा उठा है धुआंँ देखिए।
आग पहुंची कहाँ से कहाँ देखिए।।
आसमां भी हुआ गमनुमा देख कर।
आदमी तड़पता है यहाँ देखिए।।
चाल कैसी चली समय ने देख लो ।
तार टूट गया सासों का वहाँ देखिए।।
देख हालत उमा मै परेशान हूँ।
#संकट आया जग पे -जहाँ देखिए।।
उमा वैष्णव
मौलिक और स्वरचित