मेरी संगिनी
तुम्हे खो देने के पश्चात
शून्यता से भरी इस रात्रि में
मैं जान पाता हूँ कि
केवल तुम थी मेरे जीवन की अर्थपूर्णता
तुम वह दीप-शिखा जिससे
मेरी ध्वांत जीवनी आलोकित हो उठती
तुम स्निग्ध करती मेरी समूची संसृति
अब तुम्हारी अनुपस्थिति में
जान पाता हूं कि कितना अर्थशून्य हूं मैं
#Relation