सुधा ने अपनी ठीक करवाईं हुई चप्पल पहनी और मोची से पूछा__
कितने पैसे हुए?
पन्द्रह रूपए हुए,मोची बोला।।
सुधा ने दस का नोट और पांच का सिक्का निकाला और दूर से ही मोची के पास फेंक दिया।।
ये क्या हैं,मैडम जी,भला! ऐसे कोई पैसे देता है।।
क्यो? तुम कोई मेरे रिश्तेदार हो,जो तुम्हें सम्मान के साथ पैसे दूं,सुधा मोची से बोली।
नहीं, मैंडम जी, इंसानियत के रिश्ते से,मोची बोला।।
इतना सुनकर सुधा बहुत लज्जित हुई।।
#रिश्ता