गीत
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जरा जरा सा तन्हा है,
.....मेरा ये तन्हा मन.
मैं महकती साँस बनूँ,
तुम बन जाओ जीवन।
हमारा साथ ऎसा हो,
जुदा कभी कोई न ,
............. कर पाये,
मैं बहती नदी बनूँ,
तुम बन जाओ सागर।
जरा जरा....
ऎसी दास्तां लिखें
जो कभी कोई न ,
...... मिटा पाये,
मैं गहरी स्याही बनूँ,
तुम बन जाओ कलम।
जरा जरा........
ऎसी धुन बनाये,
जिसे कोई कभी न,
......... भूल पाये
मैं मधुर संगीत बनूँ,
तुम बन जाओ गज़ल।
जरा जरा.....
Uma vaishnav
मौलिक और स्वरचित