कहने को तो आज वैश्वीकरण है
पर ये कैसा निराला आचरण है
सारी दुनिया कितनी अशांत है
जब तक इस धरती पे
धर्म जाति और भाषा के
भेद है जिन्दा मानव में
अगर धरा को शांत रखना है
तो इसका बस एक तरीका है
अपने संसाधनों और नीतियों को
मानवता के हित में कर नियंत्रित
सही दिशा में करें इन्हें संरेखित
तभी वसुंधरा रहेगी सदा सुरक्षित
#संरेखित
not in competition.
SS from USA