#happy holi
फूलो से रंगु में तेरा मन प्रेम संग,
फूलो की खुश्बू से महके तेरा अंग,
यह फूलों से खेलने का है प्रेम ढंग,
हर फागुन की होली में खेलु प्रेम संग।
कीचड़ की होली में खेलु प्रेम संग,
चंदन-ए-कीचड़ प्रेम का लगाऊ तेरे अंग,
यह चंदन लगाने का है प्रेम ढंग,
हर फागुन की होली में खेलु प्रेम संग।
पानी की होली में खेलु प्रेम संग,
पानी सा पाक है तेरा आत्म अंग,
यह पानी मे भिगोने का है प्रेम ढंग,
हर फागुन की होली में खेलु प्रेम संग।
लठ्ठमार होली में खेलु प्रेम संग,
प्रेम वर्षा कि ये लठ्ठ लगे तेरे अंग,
यह लठ्ठ से सताने का है प्रेम ढंग,
हर फागुन की होली में खेलु प्रेम संग।
रंगो की होली में खेलु प्रेम संग,
इन रंगो से सतरंगी रंगु तेरा अंग,
तन रंग मे रंगने का है यह प्रेम ढंग,
हर फागुन की होली में खेलु प्रेम संग।
प्रेम रंग जो चढ़ जाए किसी मन अंग,
उस रूह को न भाये दूजा कोई रंग,
साथ अपने जो लेके चलु प्रेम रंग,
तो हर फागुन की होली में खेलु प्रेम संग।
- Dilwali Kudi