Happy Woman Day
मैं औरत हूँ..
दर्द कि सीमा,
प्रेम का भन्डार,
सहनशीलता का प्रतीक,
कोमलता का उदाहरण,
कोध्र कि विनाशक ज्वाला हूँ,
आत्मसम्मान, स्वाभिमान से शक्तिरूपेन,
संसार कि उत्पति से अधोगति,
मेरी चाह से स्वर्ग है,
मेरी चाह से ही नरक है,
मैं ही शक्ति मैं ही लक्ष्मी,
मैं ही सुखसागर हूँ,
मैं ही सफ़लता,
मैं ही असफ़लता
मैं जीवन का आधार हूँ,
मै ही पुर्ण मैं हि अपुर्ण
मैं ही हर घर कि शान्ति हूँ
मैं ही सरल हूँ, मैं ही कठोर हूँ
मैं ही हर घर का उध्दारक हूँ
मैं ही संगति, मैं ही कुसंगति
मेरे में ही सर्वशक्ति विध्यमान है,
प्रगति मेरे से, दुरगति मेरे से,
मेरे से ही गुजरता हर पथ हैं,
विनाश भी मैं हूँ, आबाद भी मैं हूँ
मैं ही हर घर की कहानी हूँ
जीतती भी मैं ही हूँ, हारती भी मैं ही हूँ
पुकारती भी मैं ही हूँ, दुलारती भी मैं ही हूँ
मैं अकाश जितनी विशाल हूँ
समुन्दर जितनी गहरी हूँ
पर्वत जैसी कठोर हूँ,
मैं नदियों जैसी सरल हूँ
रोशनी मैं सुर्य जैसी,
सुन्दरता मे चन्द्र हूँ
खण्ड में जम्बूदिप,
मैं ग्रह में पृथ्वी हूँ ,
पर्वत में हिमालय हूँ,
मैं नदियों में गंगा,
ज्ञानता मेरे से,अज्ञानता मेरे से
मेरे से ही उध्दारता हैं,
मैं ही दर्द हूँ, मै ही घाव हूँ
मैं ही हूँ मल्म,
रोना भी मेरे से, हँसना भी मेरे से
फ़िर भी सहती हर दर्द हूँ
हर मर्द कि कमजोरी हूँ,
हर मर्द के लिए जरूरी हूँ,
फ़िर भी सहती हर जुल्म हूँ
साथी मे मैं पत्नी हूँ
शुभचिंतक मे मैं भागिनि,
भाग्य मे मैं बेटी हूँ
वरदान में मैं माँ हूँ
फ़िर भी मैं ही गिर्णा का पात्र हूँ
भाई के लिए बहिन हूँ,
पिता के लिये मैं पुत्री
बेटे लिये मैं माँ हूँ,
मैं पति के लिये जीवनसाथी
फ़िर भी दुनिया मुझे धिकारती
हर दिन रोन्दी जाती हूँ
मैं फ़िर भी चुपचाप सहती जाती हूँ मैं
हर मर्द कि कमजोरी हूँ,
अर मैं ही उसकी शक्ति हूँ,
मैं ही सम्मान हूँ
अर मैं ही अपमान हूँ
कोमल हूँ, कमजोर नहीं
जितनी दिखती मै कमजोर हूँ
उतनी सर्वशक्तिशाली हूँ
हर गुणो से विध्यमान हूँ
फ़िर भी मैं अधुरी हूँ
मैं औरत हूँ
मैं औरत हूँ
हाँ मैं ही औरत हूँ