#साथी
ऐ दोस्त तुझे सलाम , तेरा बहुत शुक्रिया
दौड़े चले आये तुम जब भी याद किया
सुख दुःख दोनों में तुमने साथ निभाया
गिरने पर जब और हँसे तुमने हाथ बढ़ाया
अपने हुए बेगाने तो हँसना सिखाया तुमने
मुफलिसी में रोटी बाँट कर खिलाया तुमने
मुझ पत्थर को तराश हसीं बुत बनाया तुमने
मीलों दूर गए फिर भी मुझे न भुलाया तुमने