#Expression selfish
साझेदारी से चले ये गाड़ी , जिसे कहते हैं समझदारी ।
ना इसमें कोई कम ,ना इसमें कोई ज्यादा ,
इसमें कोई मतभेद नहीं ,सब कुछ है आधा-आधा ।
अपना जान , देते हैं अपना हिस्सा आधा ,
अगर तुम भीग रहे हो तो ,दे देते हैं अपना छाता ।
कठिन हो पथ , तो दे देते हैं अपना सहारा ,
अगर फैसला की घड़ी हो , तो बन जाते हैं तुम्हारे सलाहकार ।
जब आज आफत आ पड़ी है ,
स्मरण होता है तुम्हें अपनी पड़ी है ।